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Wednesday, March 14, 2012

लोग नमक घिसने लगते हैं.........





 रिश्ते जब रिसने लगते हैं

तो परिजन पिसने लगते हैं

मत दिखलाना घाव किसी को

लोग नमक घिसने लगते हैं



हास्यकवि अलबेला खत्री  फिल्म संगीतकार  राम लक्ष्मण  के साथ मुंबई में  गानों की रिकॉर्डिंग के अवसर पर
जय हिन्द !

Saturday, February 4, 2012

तो कुछ ऐसे दीवाने हैं कि बस पल भर में पाया है


 
न मन्दिर में, न मसजिद में, न गिरजाघर में पाया है

इसी नरदेह में, अनहद के सच्चे घर में पाया है

कई रोते-भटकते, एड़ीयां घिसते रहे युग-युग

तो कुछ ऐसे दीवाने हैं कि बस पल भर में पाया है

-अलबेला खत्री





जय हिन्द !